आर सी बोराल भारतीय फ़िल्म संगीत के पितामह

आर सी बोराल भारतीय फ़िल्म संगीत के पितामह कहे जाते हैं, उन्होंने फ़िल्म संगीत को बहुत कुछ दिया। 19 अक्टूबर, उनके जन्मदिवस पर उनकी फ़िल्मों और जीवन को थोड़ा और…

नाज़ जो बेहतरीन अभिनेत्री होते हुए भी कामयाब हेरोइन नहीं बन पाईं

नाज़ महज़ 10 साल की उम्र में ही बेबी नाज़ के तौर पर स्टार बन गई थीं, वो शायद एक मशहूर हेरोइन भी बन जाती, अगर उनकी माँ सिर्फ़ एक बार अपने…

निरुपा रॉय फ़िल्मी-परदे की सबसे चर्चित माँ

निरुपा रॉय, हिंदी फ़िल्मों की वो अभिनेत्री जो माँ के रोल में लम्बे समय तक हिंदी फ़िल्मों में छाई रहीं, 60-70-80 का दशक तो बतौर माँ उन्हीं के नाम रहा।…

अमिताभ बच्चन फ़्लॉप हीरो से एंग्री यंगमैन और महानायक तक की यात्रा

अमिताभ बच्चन के बारे में शायद ही कोई ऐसी बात हो जो हम न जानते हों, वो अकेले ऐसे स्टार हैं जिनका जादू महिला पुरुष, बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक…

गुरुदत्त “एक जीनियस का दुखद अंत”

गुरुदत्त बेजोड़ अभिनेता और लाजवाब निर्देशक होने के साथ-साथ एक बेहद संवेदनशील इंसान थे जो ताउम्र दर्द में जिए और दर्द में ही इस दुनिया से रुख़सत हो गए। उनकी…

गोविंदराव टेम्बे – मराठी फिल्मों के पहले संगीतकार

गोविंदराव टेम्बे मुख्य रूप से एक हारमोनियम प्लेयर थे, शास्त्रीय संगीत के उस्ताद, मगर जब उन्होंने सिनेमा में क़दम रखा तो म्यूज़िक कंपोज़ करने के साथ-साथ उन्होंने कई फ़िल्मों में डायलॉग्स और…

उषा खन्ना की क़ाबिलियत को सालों तक नाकारा गया

उषा खन्ना ने बहुत छोटी सी उम्र में फ़िल्मों में क़दम रखा था वो गायिका बनना चाहती थीं मगर शुरुआत से ही उन्हें संगीत देने का मौक़ा मिला। उनके संगीत…

विनोद खन्ना के एक फ़ैसले ने दो लोगों के करियर की दिशा ही बदल दी

विनोद खन्ना अपने ज़माने के बेहद हसीन और आकर्षक व्यक्तित्व वाले चर्चित अभिनेता थे। जिन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं से शुरुआत की, खलनायकी में अपनी जगह बनाई और जब हीरो के रूप में…

गाँधी ब्रांड सिनेमा में कितना कामयाब !!

महात्मा गाँधी दुनिया भर में कितने लोकप्रिय रहे हैं इसका प्रमाण है उनकी जयंती 2 अक्टूबर जिसे “विश्व अहिंसा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। मैडम तुसाद म्यूजियम में…

मजरूह सुल्तानपुरी ने सिनेमा में ग़ज़ल को पूरी शान से ज़िंदा रखा

मजरुह सुल्तानपुरी वो गीतकार थे जिन्होंने हिंदी फ़िल्मी गीतों में पहली बार – पैरहन, ऐब, हुनर, दिलबर या माशाअल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने ही हिंदी फ़िल्मी गीतों को…